PM-KISAN Scheme
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जो छोटे और सीमांत किसानों (Small and Marginal Farmers) को वित्तीय सहायता (Financial Assistance) प्रदान करती है। इस योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी।
इसके तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये (Rs 6,000) की आय सहायता (Income Support) तीन बराबर किश्तों (Installments) में दी जाती है। प्रत्येक किश्त 2,000 रुपये की होती है, जो सीधे लाभार्थी (Beneficiary) के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से जमा की जाती है।
योजना का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिरता (Economic Stability) सुनिश्चित करना है, विशेषकर मौसम संबंधी आपदाओं के समय। अब तक 20 किश्तें जारी हो चुकी हैं, जिनमें कुल 3.69 लाख करोड़ रुपये (Rs 3.69 Lakh Crore) वितरित (Disbursed) किए गए हैं।
यह लगभग 12 करोड़ किसानों (12 Crore Farmers) को कवर करती है। हाल की 20वीं किश्त 2 अगस्त 2025 को वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा जारी की गई थी, जिसमें 20,500 करोड़ रुपये 9.71 करोड़ किसानों को हस्तांतरित हुए।
हालांकि, 21वीं किश्त सामान्य रूप से नवंबर 2025 में अपेक्षित है, लेकिन बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए इसे अग्रिम (Advance) जारी किया गया। यह निर्णय किसानों की तत्काल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया, जो प्राकृतिक आपदाओं (Natural Calamities) से जूझ रहे हैं।
2025 में बाढ़ का प्रभाव: हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड पर नजर
2025 का मानसून (Monsoon) मौसम उत्तरी भारत के लिए विनाशकारी (Devastating) साबित हुआ। जुलाई और अगस्त में असामान्य रूप से भारी वर्षा (Heavy Rainfall) के कारण हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में बाढ़, भूस्खलन (Landslides) और बादल फटना (Cloudbursts) जैसी घटनाएं बढ़ गईं। इन राज्यों में कुल 1,200 से अधिक मौतें (Deaths) हुईं, जबकि हजारों परिवार बेघर (Homeless) हो गए।
हिमाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति (Flood Situation in Himachal Pradesh)
हिमाचल प्रदेश में जुलाई से सितंबर 2025 तक 17 भूस्खलन (Landslides), 22 बादल फटने (Cloudbursts) और 31 फ्लैश फ्लड (Flash Floods) की घटनाएं दर्ज की गईं। मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में सबसे अधिक क्षति (Damage) हुई।
अनुमानित 1,200 मौतें (1,200 Deaths) और 9,600 घरों (9,600 Houses) को नुकसान पहुंचा। फसल क्षेत्र (Crop Area) का 40% हिस्सा प्रभावित (Affected) हुआ, जिसमें सेब, आलू और सब्जी उत्पादन (Vegetable Production) पर गहरा असर पड़ा। राज्य सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये (Rs 10,000 Crore) के नुकसान का अनुमान लगाया है।
प्रधानमंत्री की 10 सितंबर 2025 को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा के दौरान 1,500 करोड़ रुपये (Rs 1,500 Crore) की विशेष सहायता (Special Assistance) की घोषणा की गई। इसके अलावा, मृतक परिवारों को 4 लाख रुपये (Rs 4 Lakh) का एक्स-ग्रेशिया (Ex-Gratia) और घायलों को 2 लाख रुपये (Rs 2 Lakh) दिए जा रहे हैं।
पंजाब में बाढ़ का कहर (Flood Fury in Punjab)
पंजाब में अगस्त 2025 को 1,400 गांव (1,400 Villages) 13 जिलों में डूब गए, जो 1988 के बाद सबसे खराब बाढ़ (Worst Floods) थी। सतलुज, ब्यास और रावी नदियां (Sutlej, Beas, Ravi Rivers) उफान पर थीं, जो हिमाचल और जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) से अतिरिक्त जल के कारण हुआ। गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला और फिरोजपुर जिलों में 51 मौतें (51 Deaths) और 4 लाख लोग (4 Lakh People) विस्थापित (Displaced) हुए।
कृषि क्षेत्र (Agricultural Sector) में 20,000 एकड़ फसल नष्ट हुई, जिसमें धान, गेहूं और सब्जियां (Paddy, Wheat, Vegetables) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने 20,000 रुपये प्रति एकड़ की मुआवजा की घोषणा की। केंद्र सरकार ने 1,600 करोड़ रुपये की राहत (Relief) स्वीकृत की, जिसमें एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें तैनात हैं।
उत्तराखंड में आपदा का प्रकोप (Disaster in Uttarakhand)
उत्तराखंड में अगस्त-सितंबर 2025 तक 679 आपदा घटनाएं दर्ज हुईं, जिसमें धराली में ग्लेशियर झील विस्फोट भी शामिल था। देहरादून, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में 15 मौतें, 16 लापता और 900 लोग फंसे। साहस्ट्रधारा और मालदेवता क्षेत्रों में भारी तबाही हुई।
फसल हानि 30% से अधिक है, विशेषकर चावल और फल उत्पादन (Rice and Fruit Production) में। केंद्र ने 1,200 करोड़ रुपये की सहायता दी, साथ ही पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन के तहत अनाथ बच्चों को समर्थन। राज्य सरकार ने स्कूल बंद (Schools Closed) कर राहत कार्य (Relief Operations) तेज किए।
इन आपदाओं ने किसानों की आजीविका (Livelihood) को बुरी तरह प्रभावित किया, जिसके चलते तत्काल वित्तीय सहायता (Immediate Financial Aid) की आवश्यकता बढ़ गई।
21st Installment Release: Process and Beneficiaries
26 सितंबर 2025 को केंद्रीय कृषि मंत्री (Union Agriculture Minister) श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 21वीं किश्त जारी की। कार्यक्रम में हिमाचल, पंजाब और उत्तराखंड के कृषि मंत्री, सांसद (MPs), विधायक (MLAs), वरिष्ठ अधिकारी (Senior Officials) और किसान संगठनों (Farmer Groups) के प्रतिनिधि वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
इस किश्त में कुल 540 करोड़ रुपये से अधिक 27 लाख किसानों को हस्तांतरित किए गए। इसमें 2.7 लाख महिला किसान शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि यह 2,000 रुपये की किश्त किसानों की तत्काल जरूरतों जैसे बीज, खाद (Seeds, Fertilizers) खरीदने और घरेलू खर्च में मदद करेगी।
एक छोटी डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई, जो इन राज्यों के किसानों की कठिनाइयों और सरकारी उपायों को उजागर करती है। मंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि कोई किसान पीछे नहीं छूटेगा।
राज्यवार विवरण निम्नलिखित तालिका में दिया गया है:
| राज्य (State) | लाभार्थी संख्या (No. of Beneficiaries) | हस्तांतरित राशि (Amount Transferred in Rs Cr.) | लॉन्च से कुल राशि (Total Since Launch in Rs Cr.) |
|---|---|---|---|
| हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) | 8,01,045 | 160.21 | 3,631 |
| पंजाब (Punjab) | 11,09,895 | 221.98 | 6,553 |
| उत्तराखंड (Uttarakhand) | 7,89,128 | 157.83 | 3,442 |
यह रिलीज बाढ़ राहत (Flood Relief) का हिस्सा है, जो डीबीटी (DBT) से सीधे खातों में पहुंची।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि - प्राकृतिक आपदा की घड़ी में भी किसानों के साथ, सीधी मदद, सीधा विश्वास!
— Agriculture INDIA (@AgriGoI) September 26, 2025
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त का अग्रिम वितरण आज कृषि भवन, नई दिल्ली से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री @ChouhanShivraj… pic.twitter.com/y0V8Am8RcY
लाभार्थी स्थिति जांचें: स्टेप बाय स्टेप गाइड (Check Beneficiary Status: Step-by-Step Guide)
पीएम किसान लाभार्थी स्थिति (PM Kisan Beneficiary Status) जांचना आसान है।
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आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) pmkisan.gov.in पर जाएं।
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होमपेज पर 'बेनिफिशरी स्टेटस' (Beneficiary Status) विकल्प चुनें।
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आधार नंबर (Aadhaar Number), बैंक अकाउंट नंबर (Bank Account Number) या मोबाइल नंबर (Mobile Number) से सर्च (Search) करें।
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कैप्चा (Captcha) डालकर 'गेट डेटा' (Get Data) पर क्लिक करें।
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स्थिति दिखाई देगी, जिसमें पंजीकरण (Registration) और किश्त प्राप्ति (Installment Receipt) की जानकारी होगी।
यदि समस्या हो, तो शिकायत दर्ज (File Complaint) करें। सोमवार से शुक्रवार तक हेल्पडेस्क (Helpdesk) उपलब्ध है।
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ईमेल (Email): pmkisan-ict@gov.in या pmkisan-funds@gov.in
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हेल्पलाइन नंबर (Helpline No.): 011-24300606, 155261
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या टोल-फ्री (Toll-Free) 1800-115-526
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ऑनलाइन शिकायत के लिए https://pmkisan.gov.in/Grievance.aspx पर आधार, बैंक या मोबाइल डालें।
e-KYC और पात्रता अपडेट: महत्वपूर्ण टिप्स (e-KYC and Eligibility Update: Important Tips)
e-KYC अनिवार्य है ताकि धोखाधड़ी रोकी जा सके। pmkisan.gov.in पर 'e-KYC' चुनें। आधार से OTP (OTP), बायोमेट्रिक (Biometric) या फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) से पूरा करें। CSC सेंटर (CSC Centers) पर भी उपलब्ध।
पात्रता (Eligibility): भूमि धारक परिवार (Landholding Families) - पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे (Husband, Wife, Minor Children)। आयकर दाता (Income Tax Payers), पेंशनभोगी (Pensioners) और कुछ संस्थान (Institutions) 제외। भूमि सत्यापन (Land Verification) और आधार लिंकिंग (Aadhaar Linking) सुनिश्चित करें। अपडेट न करने पर किश्त रुक सकती है।
सरकार की अन्य कृषि योजनाएं: बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए
PM-KISAN के अलावा, फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme) PMFBY के तहत बाढ़ हानि (Flood Loss) पर बीमा दावा (Insurance Claim) कर सकते हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (National Agriculture Development Scheme) से पुनर्वास (Rehabilitation) सहायता। पीएम स्वानिधि (PM SVANidhi) स्ट्रीट वेंडर्स को लोन (Loan) देती है। इन योजनाओं से किसान 2025 की आपदा से उबर सकते हैं।
कुल मिलाकर, 21वीं किश्त ने बाढ़ प्रभावित किसानों को नई उम्मीद (New Hope) दी है। सरकार की त्वरित कार्रवाई (Prompt Action) से कृषि अर्थव्यवस्था (Agricultural Economy) मजबूत होगी।
