प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
अरे वाह, खेती में सबसे बड़ा रिस्क तो फसल का खराब होना है ना? बाढ़ आए, सूखा पड़े या कीड़े लगें सब कुछ बर्बाद हो सकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इसी समस्या का हल है। ये योजना 2016 से चल रही है और 2025 में भी ये किसानों की ढाल बनी हुई है। हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 1.65 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा क्लेम्स किसानों को मिल चुके हैं।
फायदे क्या हैं? अगर फसल खराब हो जाए, तो बीमा कवर से नुकसान की भरपाई मिलती है। खरीफ फसलों के लिए 2% प्रीमियम और रबी के लिए 1.5% बाकी सरकार देती है। मेरे गांव में एक अंकल ने बताया कि पिछले साल अतिवृष्टि से उनकी फसल गई, लेकिन PMFBY से पैसे मिले और अगली फसल के लिए सीड्स खरीद सके। हालांकि, कुछ बदलावों की वजह से कुछ किसान हिस्सा लेने से कतरा रहे हैं, लेकिन सरकार ने इसे और आसान बनाने के लिए टेक्नोलॉजी जैसे ड्रोन और रिमोट सेंसिंग का इस्तेमाल बढ़ाया है।
कैसे अप्लाई करें? ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर करें या बैंक/इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क करें।
सरकारी वेबसाइट
: अधिक जानकारी के लिए
pmfby.gov.in
पर जाएं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
पैसे की तंगी छोटे किसानों को सबसे ज्यादा सताती है। पीएम-किसान योजना इसी के लिए है! हर साल 6,000 रुपये सीधे बैंक अकाउंट में आते हैं तीन किस्तों में 2,000-2,000 रुपये। 2025 तक 3.46 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों को बांटे जा चुके हैं। ये पैसे बीज, खाद या छोटी जरूरतों के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं।
मेरी तरह के कई किसान परिवारों ने इससे राहत पाई है। जैसे, मेरे पड़ोसी ने इन पैसों से नया स्प्रेयर खरीदा और फसल की पैदावार बढ़ाई। पात्रता? 2 हेक्टेयर से कम जमीन वाले छोटे-मझोले किसान। आधार से लिंक बैंक अकाउंट जरूरी है।
अप्लाई कैसे? PM-KISAN पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें या CSC सेंटर जाएं।
सरकारी वेबसाइट : चेक करें pmkisan.gov.in पर
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
पानी के बिना खेती क्या? कई इलाकों में सूखा पड़ता है तो फसल सूख जाती है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मकसद है "हर खेत को पानी" । ये योजना ट्यूबवेल, ड्रिप इरिगेशन और कैनाल जैसी सुविधाएं देती है। 2025 की रिपोर्ट्स कहती हैं कि इससे सूखे इलाकों में भी खेती आसान हो गई है, और पानी की बचत से पैदावार दोगुनी हो रही है।
फायदे: कम पानी में ज्यादा फसल, जल संरक्षण और ग्राउंडवाटर रिचार्ज। मेरे एक दोस्त ने ड्रिप सिस्टम लगाया और पानी की 50% बचत की। ये योजना कई कंपोनेंट्स में बंटी है, जैसे AIBP और हर खेत को पानी।
अप्लाई करें: लोकल एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट या ऑनलाइन।
सरकारी वेबसाइट : डिटेल्स pmksy.gov.in पर।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना
खेती के लिए लोन चाहिए, लेकिन ब्याज ज्यादा हो तो बोझ बढ़ जाता है। किसान क्रेडिट कार्ड कम ब्याज पर लोन देता है बीज, खाद, कीटनाशक के लिए। 2025 में ये लोन 9.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो 1998 से 270% बढ़ोतरी है।
ये कार्ड ATM की तरह काम करता है, और रिपेमेंट फ्लेक्सिबल है। मेरे पापा ने KCC से ट्रैक्टर लिया और अब खेती आसान हो गई। पात्रता: कोई भी किसान, चाहे छोटा हो या बड़ा।
अप्लाई: नजदीकी बैंक में जाएं।
सरकारी वेबसाइट : जानकारी agricoop.gov.in पर।
मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड योजना
मिट्टी अच्छी नहीं तो फसल कैसी? मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड योजना मिट्टी की जांच करती है और रिपोर्ट देती है कौन से पोषक तत्व कम हैं, कौन सी फसल ठीक रहेगी। 2014 से चल रही ये योजना 2025 में भी किसानों को संतुलित खाद इस्तेमाल सिखा रही है, जिससे पैदावार बढ़ती है और मिट्टी खराब नहीं होती।
फायदे: सही खाद से लागत कम, उत्पादन ज्यादा। मेरे गांव में कई लोगों ने इससे ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू की। सरकार लैब्स में फ्री टेस्टिंग करती है।
अप्लाई: लोकल सोइल टेस्टिंग सेंटर में।
सरकारी वेबसाइट : देखें soilhealth.dac.gov.in पर।
