पीएम-कुसुम योजना क्या है?
2019 में शुरू हुई प्रधानमंत्री कुसुम योजना का लक्ष्य किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और उनकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। यह योजना तीन प्रमुख हिस्सों में बंटी है:
1. सोलर पावर प्लांट
किसान, सहकारी समितियां, या किसान उत्पादक संगठन (FPO) अपनी बंजर, अनुपयोगी, या खेती की जमीन पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक का सोलर पावर प्लांट लगा सकते हैं। इस प्लांट से बनी बिजली को विद्युत वितरण कंपनी (DISCOM) खरीदती है, जिससे किसानों को अगले 25 साल तक नियमित आय मिलती है। सोलर प्लांट को खेती की जमीन पर स्टिल्ट (उंची संरचना) के जरिए लगाया जा सकता है, ताकि नीचे खेती भी जारी रहे।
2. स्टैंडअलोन सोलर पंप
इस हिस्से में किसानों को डीजल या बिजली से चलने वाले पंप की जगह 3 HP से 7.5 HP तक के सोलर पंप दिए जाते हैं। सरकार इसकी लागत का 60% तक सब्सिडी देती है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार 30-30% योगदान देती हैं। किसान को केवल 10% राशि देनी पड़ती है। कुछ विशेष राज्यों जैसे उत्तर-पूर्वी राज्य, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, और लक्षद्वीप में केंद्र सरकार 50% सब्सिडी देती है।
3. ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पंप
जिन किसानों के पास पहले से बिजली से चलने वाले पंप हैं, उन्हें सौर ऊर्जा से जोड़ा जाता है। इससे बिजली का बिल शून्य हो जाता है, और अतिरिक्त बिजली को डिस्कॉम को बेचकर किसान कमाई भी कर सकते हैं।
पीएम-कुसुम योजना के फायदे
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मुफ्त बिजली : सोलर पंप से सिंचाई के लिए बिजली का खर्चा पूरी तरह खत्म हो जाता है।
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अतिरिक्त आय : सोलर प्लांट से बनी अतिरिक्त बिजली बेचकर किसान नियमित कमाई कर सकते हैं।
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डीजल पर निर्भरता खत्म : डीजल पंप की लागत और प्रदूषण से छुटकारा।
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पर्यावरण संरक्षण : सौर ऊर्जा से कार्बन उत्सर्जन कम होता है, जो पर्यावरण के लिए फायदेमंद है।
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24 घंटे बिजली : सोलर सिस्टम दिन में भरोसेमंद बिजली देता है, जिससे सिंचाई आसान होती है।
पीएम-कुसुम योजना का लाभ कैसे उठाएं?
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अपने राज्य की नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी या विद्युत वितरण कंपनी (DISCOM) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
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वेबसाइट पर PM Kusum Yojana सेक्शन में आवेदन फॉर्म खोजें।
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फॉर्म में आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, और जमीन के दस्तावेज (जैसे खसरा-खतौनी) दर्ज करें।
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यह चुनें कि आप सोलर पंप, सोलर प्लांट, या ग्रिड-कनेक्टेड पंप के लिए आवेदन करना चाहते हैं।
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सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
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आवेदन स्वीकृत होने पर संबंधित एजेंसी आपसे संपर्क करेगी।
महत्वपूर्ण जानकारी
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लोन सुविधा : सोलर पंप और प्लांट की लागत का 30% तक बैंक लोन के जरिए लिया जा सकता है।
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कौन आवेदन कर सकता है? : व्यक्तिगत किसान, सहकारी समितियां, पंचायत, और FPO इस योजना के लिए पात्र हैं।
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समयसीमा : योजना का लक्ष्य मार्च 2026 तक 34,800 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित करना है।
क्यों जरूरी है यह योजना?
कृषि क्षेत्र में बिजली और डीजल की लागत किसानों के लिए बड़ा बोझ है। पीएम-कुसुम योजना न केवल इस लागत को कम करती है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाती है। बंजर जमीन को बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल कर किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। साथ ही, यह योजना भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है।
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आज ही अपने राज्य की संबंधित वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें। यह आपके खेत और भविष्य को रोशन करने का सुनहरा मौका है।
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