परिचय
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए समय पर और सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराना है। इस योजना की शुरुआत 1998 में हुई थी और इसे 2004 और 2012 में और विस्तारित किया गया। 29 सितंबर 2025 तक, यह योजना लाखों किसानों के लिए वित्तीय सहायता का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। यह लेख KCC योजना के उद्देश्य, लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और स्थिति जांच की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य
KCC योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को एकल खिड़की के माध्यम से लचीली और सरल प्रक्रिया के साथ ऋण उपलब्ध कराना है। यह योजना निम्नलिखित आवश्यकताओं को पूरा करती है:
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फसलों की खेती के लिए अल्पकालिक ऋण।
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कटाई के बाद के खर्च।
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उत्पाद विपणन ऋण।
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किसान परिवार की उपभोग आवश्यकताएँ।
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कृषि से संबंधित गतिविधियों और फार्म परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए कार्यशील पूंजी।
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कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए निवेश ऋण।
किसान क्रेडिट कार्ड के प्रकार
KCC एक चुंबकीय पट्टी (मैग्नेटिक स्ट्राइप) और पिन के साथ प्रदान किया जाता है, जिसमें ISO IIN (अंतरराष्ट्रीय मानक संगठन अंतरराष्ट्रीय पहचान संख्या) शामिल होती है। यह कार्ड निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:
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UIDAI बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण : आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ डेबिट कार्ड।
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EMV और रुपे कार्ड : Europay, MasterCard और VISA (EMV) या रुपे मानकों के अनुरूप चिप कार्ड।
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स्मार्ट कार्ड : IDRBT और IBA द्वारा निर्धारित खुले मानकों के आधार पर, जो इनपुट डीलरों और मंडियों में लेनदेन को आसान बनाते हैं।
KCC के डिलीवरी चैनल
किसान क्रेडिट कार्ड को प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए निम्नलिखित डिलीवरी चैनल उपलब्ध हैं:
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एटीएम/माइक्रो एटीएम : नकदी निकासी के लिए।
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बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) : स्मार्ट कार्ड के माध्यम से निकासी।
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PoS मशीन : इनपुट डीलरों के माध्यम से लेनदेन।
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मोबाइल बैंकिंग : IMPS और IVR सुविधाओं के साथ।
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आधार सक्षम कार्ड : आधार आधारित लेनदेन।
किसान क्रेडिट कार्ड के लाभ
KCC योजना किसानों को कई लाभ प्रदान करती है, जो इसे एक लोकप्रिय वित्तीय उपकरण बनाते हैं:
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सस्ती ब्याज दर : सरकार 2% ब्याज सब्सिडी और 3% प्रॉम्प्ट रिपेमेंट इंसेंटिव प्रदान करती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर केवल 4% प्रति वर्ष रह जाती है।
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लचीली क्रेडिट सीमा : अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऋण के लिए अलग-अलग उप-सीमाएँ निर्धारित की जाती हैं।
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विविध उपयोग : फसल उत्पादन, रखरखाव, उपभोग और निवेश आवश्यकताओं के लिए ऋण उपलब्ध।
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आसान लेनदेन : कार्ड के माध्यम से एटीएम, माइक्रो एटीएम, और PoS मशीनों पर लेनदेन संभव।
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बीमा सुविधा : फसल बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (PAIS), और परिसंपत्ति बीमा शामिल।
क्रेडिट सीमा निर्धारण
KCC की क्रेडिट सीमा निम्नलिखित आधार पर निर्धारित की जाती है:
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पहले वर्ष के लिए :
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जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा निर्धारित फसल के लिए वित्तीय पैमाने × खेती का क्षेत्रफल + 10% उपभोग/कटाई के बाद के खर्चों के लिए + 20% फार्म परिसंपत्तियों के रखरखाव और बीमा के लिए।
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दूसरे और बाद के वर्षों के लिए :
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पहले वर्ष की सीमा + प्रत्येक बाद के वर्ष (2 से 5) के लिए 10% लागत वृद्धि।
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पांच वर्षों के लिए अनुमानित दीर्घकालिक ऋण।
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अधिकतम स्वीकार्य सीमा (MPL) : पांचवें वर्ष की अल्पकालिक ऋण सीमा + अनुमानित दीर्घकालिक ऋण आवश्यकता।
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गैर-सीमांत किसानों के लिए उप-सीमाएँ : अल्पकालिक नकद ऋण और दीर्घकालिक ऋण के लिए अलग-अलग उप-सीमाएँ निर्धारित की जाती हैं।
पात्रता मानदंड
KCC के लिए निम्नलिखित व्यक्ति/समूह पात्र हैं:
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व्यक्तिगत/संयुक्त उधारकर्ता जो मालिक-किसान हैं।
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किरायेदार किसान, मौखिक पट्टेदार, और बटाईदार।
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स्वयं सहायता समूह (SHGs) या संयुक्त दायित्व समूह (JLGs), जिसमें किरायेदार किसान और बटाईदार शामिल हैं।
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न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 75 वर्ष। 60 वर्ष से अधिक आयु के लिए, कानूनी उत्तराधिकारी के साथ सह-उधारकर्ता आवश्यक है।
आवेदन प्रक्रिया
KCC के लिए आवेदन दो तरीकों से किया जा सकता है:
ऑनलाइन आवेदन
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अपनी पसंद के बैंक की वेबसाइट पर जाएँ।
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विकल्पों में से ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ चुनें।
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‘आवेदन करें’ पर क्लिक करें, जिसके बाद आपको आवेदन पेज पर ले जाया जाएगा।
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आवश्यक विवरण भरें और ‘सबमिट’ करें।
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सबमिट करने पर, आपको एक आवेदन संदर्भ संख्या प्राप्त होगी।
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पात्रता की स्थिति में, बैंक 3-4 कार्यदिवसों में आगे की प्रक्रिया के लिए संपर्क करेगा।
ऑफलाइन आवेदन
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अपनी पसंद के बैंक की शाखा में जाएँ।
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बैंक प्रतिनिधि की मदद से आवेदन प्रक्रिया शुरू करें।
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वैकल्पिक रूप से, बैंक की वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड करें और इसे शाखा में जमा करें।
आवश्यक दस्तावेज
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आवेदन पत्र।
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दो पासपोर्ट साइज फोटो।
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पहचान पत्र (ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट)।
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पता प्रमाण (ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड)।
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राजस्व प्राधिकरण द्वारा प्रमाणित भूमि धारण का प्रमाण।
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खेती की फसल और क्षेत्रफल का विवरण।
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1.60 लाख/3.00 लाख रुपये से अधिक की ऋण सीमा के लिए सुरक्षा दस्तावेज।
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बैंक द्वारा अनुरोधित अन्य दस्तावेज।
KCC आवेदन स्थिति की जांच
आवेदन जमा करने के 6-7 दिन बाद स्थिति की जांच की जा सकती है। निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
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CSC PM KCC पोर्टल (https://eseva.csccloud.in/KCC/Default.aspx) पर जाएँ।
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अपने CSC ID और पासवर्ड के साथ लॉगिन करें।
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‘View Status’ विकल्प चुनें।
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KCC आवेदन ID दर्ज करें।
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आवेदन की स्थिति स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी।
सर्वर API से कोई प्रतिक्रिया न मिलने के कारण
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आपके जिले में PM KCC आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे।
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आपका बैंक ऑनलाइन KCC आवेदन स्वीकार नहीं कर रहा।
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PM किसान डेटाबेस का PM KCC डेटाबेस के साथ विलय नहीं हुआ है।
निष्कर्ष
किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय उपकरण है, जो उनकी कृषि और संबद्ध आवश्यकताओं के लिए सस्ता और सुगम ऋण प्रदान करता है। यह योजना न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि लचीली प्रक्रियाओं और डिजिटल चैनलों के माध्यम से उपयोग में आसानी भी सुनिश्चित करती है। यदि आप एक किसान हैं, तो इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपनी पात्रता जांचें और आज ही आवेदन करें।
KCC से संबंधित सामान्य प्रश्न
1. KCC के लिए पात्रता मानदंड क्या हैं?
न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 75 वर्ष। 60 वर्ष से अधिक आयु के लिए सह-उधारकर्ता आवश्यक है। सभी मालिक-किसान, किरायेदार, और बटाईदार पात्र हैं।
2. KCC ग्राहक सेवा नंबर क्या है?
आप टोल-फ्री नंबर 155261 / 1800115526 या 0120-6025109 पर संपर्क कर सकते हैं।
3. KCC ग्राहक सेवा को ईमेल कैसे करें?
आप pmkisan-ict@gov.in पर ईमेल कर सकते हैं।
4. आवेदन के बाद KCC कितनी जल्दी मिल सकता है?
पात्रता की स्थिति में, बैंक 3-4 कार्यदिवसों में संपर्क करता है, और कार्ड 15 दिनों में जारी हो सकता है।
5. KCC की सीमा बढ़ाई जा सकती है?
हाँ, आवश्यक दस्तावेज जमा करके सीमा बढ़ाई जा सकती है।
