भारत में मौसम का ताजा अपडेट
15 सितंबर 2025 को भारत के मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर राज्यों और महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, राजस्थान, पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है।
यह मौसमी हलचल अगले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित कर सकती है। उत्तरी तेलंगाना में एक निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है, जो मौसम की अस्थिरता को बढ़ा रहा है। बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण भी बारिश को प्रभावित कर रहा है।
मौसम की प्रमुख परिस्थितियाँ
उत्तरी तेलंगाना और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जो सतह से 4.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला है। यह दबाव क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसकी वजह से आसपास के क्षेत्रों में मौसम अस्थिर रहेगा। मध्य और उच्च वायुमंडल में वायु प्रवाह की गतिविधियाँ भी मानसून को सक्रिय रख रही हैं।
इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो पूर्वी भारत में बारिश की संभावना को बढ़ा रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिन बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव देखा जा सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वोत्तर भारत में मौसम विभाग ने 14 से 17 सितंबर तक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और मिजोरम में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से 15 और 16 सितंबर को इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में 14 सितंबर को भी बारिश का असर रहेगा। इस दौरान स्थानीय प्रशासन को बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।
दक्षिणी भारत का मौसम
दक्षिणी प्रायद्वीप में 16 से 19 सितंबर के बीच तमिलनाडु के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 14 सितंबर को बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में अगले पांच दिनों तक 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियाँ स्थानीय कृषि और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का प्रभाव
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 14 से 16 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा के निकटवर्ती इलाकों, झारखंड और सिक्किम में 14 और 15 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 16 से 18 सितंबर तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में बारिश जारी रहेगी। बिहार में 17 और 18 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
पश्चिम भारत में मानसून की सक्रियता
पश्चिम भारत में 16 सितंबर को गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। 14 और 15 सितंबर को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट विशेष रूप से मध्य और तटीय क्षेत्रों के लिए जारी किया गया है, जिससे स्थानीय यातायात और कृषि गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का हाल
उत्तर-पश्चिम भारत में 14 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 14 और 16 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 से 20 सितंबर तक बारिश जारी रह सकती है। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली और एनसीआर का मौसम
दिल्ली और एनसीआर में 14 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, और दोपहर या शाम को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 10-15 किमी प्रति घंटे की गति से चलेगी। 15 सितंबर को दिन में मौसम ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन शाम को बादल छा सकते हैं।
16 सितंबर को तापमान 33-35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, और 17 सितंबर को बादल छाए रहेंगे, जिसमें कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। तापमान अधिकतम 32-34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
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