सर्दियों में बकरियों की देखभाल क्यों जरूरी?
सर्दी का मौसम बकरियों के लिए कई स्वास्थ्य चुनौतियां लेकर आता है। ठंड और नमी के कारण बकरियां जल्दी बीमार पड़ सकती हैं, खासकर छोटे बच्चे। केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. अशोक कुमार के अनुसार, सर्दियों से पहले वैक्सीनेशन और शेड की उचित व्यवस्था बकरियों को बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है। इससे न केवल उनकी सेहत बनी रहती है, बल्कि दूध और मांस का उत्पादन भी बढ़ता है।
सर्दियों में बकरियों को कौन-सी बीमारियां प्रभावित करती हैं?
ठंड के मौसम में बकरियों को कुछ खास संक्रामक बीमारियां परेशान करती हैं, जो पूरे झुंड को प्रभावित कर सकती हैं। इनमें शामिल हैं:
PPR (पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स)
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इसे बकरी का प्लेग भी कहा जाता है।
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यह एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो तेजी से फैलती है।
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लक्षण: दस्त, तेज बुखार, नाक बहना, निमोनिया।
बकरी चेचक (Goat Pox)
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सर्दियों में यह बीमारी भी तेजी से फैलती है।
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लक्षण: शरीर पर चकत्ते, सांस लेने में दिक्कत, भूख में कमी।
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प्रभावित बकरियां चारा और बच्चे दूध पीना कम कर देते हैं।
वैक्सीनेशन: बीमारियों से बचाव का सबसे आसान तरीका
विशेषज्ञों का कहना है कि PPR और चेचक से बचाव के लिए समय पर वैक्सीनेशन जरूरी है। एनिमल हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. इब्ने अली बताते हैं कि इन बीमारियों के टीके मामूली खर्च में उपलब्ध हैं और सरकारी पशु चिकित्सा केंद्रों पर मुफ्त भी मिलते हैं।
वैक्सीनेशन के फायदे
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बकरियों को संक्रामक बीमारियों से बचाता है।
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उत्पादन क्षमता बढ़ाता है, जैसे दूध और मांस में वृद्धि।
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इलाज की तुलना में लागत बहुत कम।
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झुंड में बीमारी फैलने का खतरा कम करता है।
कब लगवाएं टीके?
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अक्टूबर से पहले वैक्सीनेशन शुरू कर दें।
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PPR और चेचक के टीके हर बकरी को लगवाएं।
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पशु चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
बीमारी के मुख्य लक्षण
अगर बकरी में निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो तुरंत कार्रवाई करें:
PPR के लक्षण
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तेज बुखार और दस्त
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नाक से पानी बहना
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सांस लेने में परेशानी और निमोनिया
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शरीर पर चकत्ते और दाने
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भूख में कमी
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बच्चों का दूध पीना कम करना
तुरंत करें यह
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प्रभावित बकरी को झुंड से अलग करें।
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पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
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शेड की सफाई और गर्माहट सुनिश्चित करें।
बकरी शेड में सावधानियां
सर्दियों में बकरियों को ठंड और नमी से बचाने के लिए शेड में विशेष ध्यान देना जरूरी है। डॉ. अशोक कुमार सलाह देते हैं:
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शेड में सूखी बिछावन का उपयोग करें।
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ठंडी हवा से बचाव के लिए उचित वेंटिलेशन और पर्दे लगाएं।
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नियमित सफाई से नमी को नियंत्रित करें।
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छोटे बच्चों को विशेष रूप से गर्म रखें।
वैक्सीनेशन से उत्पादन में वृद्धि
स्वस्थ बकरियां अधिक दूध और मांस उत्पादन करती हैं। सर्दियों में बीमारी के कारण उनकी ग्रोथ रुक सकती है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान होता है। समय पर टीकाकरण और उचित देखभाल से न केवल बकरियां स्वस्थ रहती हैं, बल्कि पशुपालकों की आय भी बढ़ती है।
विशेषज्ञों की सलाह
डॉ. इब्ने अली और डॉ. अशोक कुमार जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि बकरी पालन में सफलता के लिए वैक्सीनेशन और शेड प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर मुफ्त टीके प्राप्त करें और पशु चिकित्सकों से नियमित सलाह लें।
