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Euler Turbo EV 1000: दुनिया का पहला इलेक्ट्रिक मिनी ट्रक लॉन्च, कीमत 5.99 लाख रुपये से शुरू

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इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों में नया दौर

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। 2025 तक, इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की कुल बिक्री में पैठ लगभग 2% तक पहुंच गई है। हालांकि, चार पहियों वाले सेगमेंट में यह आंकड़ा अभी भी सीमित है। Euler Motors ने इस कमी को पूरा करने के लिए Turbo EV 1000 लॉन्च किया। यह दुनिया का पहला 1-टन पेलोड वाला इलेक्ट्रिक मिनी ट्रक है।

कंपनी ने 22 सितंबर 2025 को दिल्ली में इस वाहन का अनावरण किया। लॉन्च के दौरान, फाउंडर और सीईओ सौरव कुमार ने कहा कि यह ट्रक इंजीनियरिंग इनोवेशन और अफॉर्डेबिलिटी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ईंधन लागत एक बड़ी चुनौती है। इस ट्रक से छोटे व्यवसायियों को डीजल के विकल्प के रूप में विश्वसनीय समाधान मिलेगा।

ट्रक को छोटे फ्लीट मालिकों और ड्राइवर-उद्यमियों के लिए डिजाइन किया गया है। ये लोग अक्सर कम मार्जिन पर काम करते हैं। Euler का लक्ष्य है कि Turbo EV 1000 से उनकी लाभप्रदता में 20-30% की वृद्धि हो। इसके अलावा, जीएसटी सुधारों और राष्ट्रीय परिवहन नीतियों के साथ, यह वाहन सस्टेनेबल मोबिलिटी को गति देगा।

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Euler Motors का बैकग्राउंड और बाजार स्थिति

Euler Motors एक दिल्ली-आधारित इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन निर्माता है। कंपनी ने 2019 में स्थापना की और Hero MotoCorp से फंडिंग प्राप्त की है। वर्तमान में, इसका पोर्टफोलियो तीन उत्पादों पर आधारित है। पहला Storm EV है, जो 3-व्हीलर सेगमेंट में लोकप्रिय है। दूसरा HiLoad EV है, और अब तीसरा Turbo EV 1000।

2024 में, Euler ने 5,000 यूनिट्स से अधिक बेचे। 2025 के पहले नौ महीनों में, बिक्री 30% बढ़कर 6,500 यूनिट्स हो गई। कंपनी का फोकस लास्ट-माइल डिलीवरी और अर्बन लॉजिस्टिक्स पर है। भारत में ई-कॉमर्स का विस्तार हो रहा है। Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म्स दैनिक 10 लाख से अधिक डिलीवरी करते हैं। ऐसे में, इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग 2025 तक 15% सालाना बढ़ने का अनुमान है।

Euler ने ग्लोबल एक्सपैंशन की योजना बनाई है। सीईओ सौरव कुमार ने कहा कि कंपनी अब सिर्फ सर्विस बिजनेस नहीं, बल्कि ग्लोबल प्रोडक्ट कंपनी बनेगी। भारत के अलावा, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका में एंट्री की तैयारी चल रही है। यह लॉन्च भारत को इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों में लीडर बनाने की दिशा में कदम है।


Turbo EV 1000 के वेरिएंट्स और कीमतें

Turbo EV 1000 तीन वेरिएंट्स में उपलब्ध है। ये ग्राहकों की विभिन्न जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं।

  • सिटी वेरिएंट: कीमत 5,99,999 रुपये (एक्स-शोरूम)। बेसिक फीचर्स के साथ, यह शहरी उपयोग के लिए आदर्श है। 140 किमी की रेंज और स्टैंडर्ड चार्जिंग।

  • मैक्स वेरिएंट: कीमत 7,19,999 रुपये। एडवांस्ड बैटरी और 170 किमी रेंज। हाई पेलोड क्षमता के लिए उपयुक्त।

  • फास्ट चार्ज वेरिएंट: कीमत 8,19,999 रुपये। CCS2 फास्ट चार्जिंग के साथ, व्यस्त फ्लीट्स के लिए बेस्ट।

ये कीमतें डीजल मिनी ट्रकों से 10-15% कम हैं। फाइनेंसिंग ऑप्शन्स में 49,999 रुपये का डाउन पेमेंट और 10,000 रुपये प्रति माह की ईएमआई शामिल है। इससे छोटे व्यवसायी आसानी से खरीद सकेंगे। 2025 के अंत तक, Euler 2,000 यूनिट्स Turbo EV 1000 बेचने का लक्ष्य रखे हुए है।


तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स: परफॉर्मेंस और सेफ्टी

Turbo EV 1000 में लिथियम-आयन बैटरी पैक है, जिसमें एडवांस्ड थर्मल मैनेजमेंट और लिक्विड कूलिंग सिस्टम लगा है। यह 140 Nm टॉर्क प्रदान करता है। R13 व्हील प्लेटफॉर्म पर 230 mm डिस्क ब्रेक लगे हैं, जो ब्रेकिंग दक्षता बढ़ाते हैं।

सिंगल चार्ज पर रेंज 140-170 किमी है। यह आंकड़ा वास्तविक दुनिया के टेस्ट पर आधारित है। शहर की सड़कों पर औसत स्पीड 30-40 किमी/घंटा मानकर यह रेंज हासिल की गई। टॉप स्पीड 60 किमी/घंटा है, जो लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए पर्याप्त।

चार्जिंग में 3.3 kW AC ऑनबोर्ड चार्जर है। फुल चार्ज 4-5.5 घंटे लेता है। CCS2 फास्ट चार्जिंग से पब्लिक स्टेशनों पर 15 मिनट में 50 किमी रेंज मिलती है। यह फीचर सेगमेंट में पहली बार है। रेजेनरेटिव ब्रेकिंग से एनर्जी रिकवरी 10-15% तक होती है।

सेफ्टी फीचर्स में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम, हिल होल्ड असिस्ट और ISO-सर्टिफाइड बैटरी शामिल हैं। नौ सेगमेंट-फर्स्ट इनोवेशन्स हैं, जैसे टेलीस्कोपिक स्टीयरिंग शाफ्ट और बीजल-फ्री हेडलैंप्स। ये असमान सड़कों पर स्मूथ राइड सुनिश्चित करते हैं। बैटरी लाइफ 5 साल या 1 लाख किमी तक गारंटीड है।


फास्ट चार्जिंग और बैटरी मैनेजमेंट

चार्जिंग इलेक्ट्रिक वाहनों की मुख्य बाधा रही है। Turbo EV 1000 इस समस्या का समाधान करता है। CCS2 प्रोटोकॉल से 50 kW तक की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलती है। 15 मिनट में 50 किमी रेंज जोड़ना व्यस्त ऑपरेटर्स के लिए गेम-चेंजर है।

भारत में 2025 तक 10,000 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन्स उपलब्ध हैं। दिल्ली-एनसीआर में 2,000 से अधिक हैं। Euler ने पार्टनरशिप्स के जरिए 500 स्टेशन्स पर प्रायोरिटी एक्सेस सुनिश्चित किया है। बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ओवरहीटिंग रोकता है। लिक्विड कूलिंग से 40°C तापमान पर भी परफॉर्मेंस स्थिर रहती है।

डाउनटाइम कम करने के लिए, ट्रक में 230 mm डिस्क ब्रेक और ABS-लाइक सिस्टम है। इससे फ्लीट यूटिलाइजेशन 95% तक पहुंच जाता है। डीजल ट्रकों में फ्यूल रिफिलिंग पर 20-30 मिनट लगते हैं, लेकिन यहां फास्ट चार्ज से यह समय आधा हो जाता है।

लागत बचत और ईंधन दक्षता

Turbo EV 1000 डीजल वाहनों से सालाना 1.15 लाख रुपये बचत का वादा करता है। गणना इस प्रकार है: डीजल ट्रक की औसत रनिंग कॉस्ट 8-10 रुपये/किमी है। EV में यह 2-3 रुपये/किमी रह जाती है। 15,000 किमी सालाना उपयोग पर, बचत 1 लाख से अधिक होती है।

मेनटेनेंस कॉस्ट भी 40% कम है। EV में इंजन ऑयल या क्लच जैसे पार्ट्स नहीं होते। ब्रेक पैड्स की लाइफ 50,000 किमी तक बढ़ जाती है। टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप (TCO) तीन साल में 30% कम आती है। छोटे फ्लीट मालिकों के लिए, जो 5-10 ट्रक चलाते हैं, कुल बचत 5-6 लाख रुपये सालाना हो सकती है।

पर्यावरणीय लाभ भी महत्वपूर्ण हैं। एक ट्रक सालाना 2 टन CO2 उत्सर्जन कम करता है। 1,000 ट्रक अगर अपनाएं, तो 2,000 टन कार्बन सेविंग होगी। भारत सरकार की FAME-III स्कीम के तहत सब्सिडी मिलेगी, जो कीमत को और कम करेगी।

भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर प्रभाव

भारत का लॉजिस्टिक्स सेक्टर 2025 में 20% GDP योगदान देता है। कुल कार्गो 10 बिलियन टन है, जिसमें 60% रोड परिवहन से। ई-कॉमर्स ग्रोथ से लास्ट-माइल डिलीवरी 25% सालाना बढ़ रही है। Turbo EV 1000 इस सेगमेंट को लक्षित करता है।

वर्तमान में, इलेक्ट्रिक 4-व्हीलर कमर्शियल वाहन मात्र 2% हैं। ज्यादातर 2-3 व्हीलर्स तक सीमित। यह ट्रक पैठ को 10% तक ले जा सकता है। छोटे शहरों में, जहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है, अपनापन तेज होगा।

सरकारी नीतियां सहायक हैं। 2025 के बजट में EV इंसेंटिव्स 5,000 करोड़ रुपये आवंटित हुए। राज्य स्तर पर दिल्ली और महाराष्ट्र में रोड टैक्स छूट है। Euler का लक्ष्य 2026 तक 10,000 यूनिट्स बेचना है। इससे रोजगार सृजन होगा - प्रत्येक यूनिट पर 5-7 जॉब्स।

भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां

Euler Motors ग्लोबल मार्केट में प्रवेश करेगा। 2026 में इंडोनेशिया और वियतनाम में लॉन्च प्लान है। कंपनी रेयर अर्थ मटेरियल्स पर निर्भरता कम कर रही है। बैटरी में 80% लोकल सोर्सिंग है।

चुनौतियां बनी हुई हैं। चार्जिंग नेटवर्क विस्तार जरूरी है। 2030 तक 50,000 स्टेशन्स का लक्ष्य है। सप्लाई चेन में बैटरी कीमतें 20% गिरनी चाहिए। फिर भी, Turbo EV 1000 जैसे इनोवेशन्स से EV अपनापन तेज होगा।

कुल मिलाकर, यह लॉन्च भारत को सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट में आगे ले जाएगा। छोटे व्यवसायियों के लिए यह किफायती और विश्वसनीय विकल्प है।

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