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प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में डबल रजिस्ट्री फ्रॉड: जानें जरूरी जानकारी

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डबल रजिस्ट्री फ्रॉड क्या है?

आजकल, न केवल बड़े शहरों जैसे दिल्ली (Delhi), हैदराबाद (Hyderabad), मुंबई (Mumbai), बेंगलुरु (Bengaluru), चेन्नई (Chennai), चंडीगढ़ (Chandigarh) और पुणे (Pune) में, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रॉपर्टी खरेदी-विक्री का व्यापार तेजी से बढ़ रहा है।

हालांकि, इस वृद्धि के साथ-साथ प्रॉपर्टी से संबंधित धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। इनमें से एक प्रमुख फ्रॉड है डबल रजिस्ट्री फ्रॉड , जिसमें एक ही प्रॉपर्टी या प्लॉट को एक से अधिक खरीदारों को बेचकर धोखाधड़ी की जाती है। इस तरह की धोखाधड़ी से कई लोगों को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ता है।

डबल रजिस्ट्री फ्रॉड में डेवलपर या दलाल एक ही भूखंड के लिए अलग-अलग कागजपत्र तैयार करते हैं और उसे कई खरीदारों को बेच देते हैं। इसके लिए वे अक्सर नकली पावर ऑफ अटॉर्नी , जाली सातबारा उतारा , या फर्जी नो ड्यूज सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों का उपयोग करते हैं। खरीदार को बुकिंग राशि लेने के बाद प्रॉपर्टी की मालकी नहीं मिलती, और जब मामला कोर्ट में जाता है, तब जाकर धोखाधड़ी का खुलासा होता है।

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डबल रजिस्ट्री फ्रॉड के कारण और प्रभाव

प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में फसवणुकी के मामले बढ़ने का कारण है लोगों का जल्दबाजी में निर्णय लेना और कागजपत्रों की ठीक से जांच न करना। खासकर उन लोगों को निशाना बनाया जाता है जो प्रॉपर्टी खरीदने के लिए उत्साहित होते हैं और बिना पूरी जानकारी के सौदा कर लेते हैं।

इस तरह की धोखाधड़ी के परिणामस्वरूप:

  • खरीदार को भारी आर्थिक नुकसान होता है।

  • प्रॉपर्टी की मालकी को लेकर कानूनी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।

  • मानसिक तनाव और लंबी कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है।


डबल रजिस्ट्री फ्रॉड से बचने के उपाय

प्रॉपर्टी खरेदी-विक्री में डबल रजिस्ट्री फ्रॉड से बचने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं। ये उपाय न केवल आपको सुरक्षित रखेंगे, बल्कि आपके निवेश को भी सुरक्षित करेंगे।

1. टायटल इन्शुरन्स लें

टायटल इन्शुरन्स (Title Insurance) एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बीमा प्रॉपर्टी के मालकी हक्क से संबंधित भविष्य में होने वाली किसी भी गड़बड़ी से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। यदि प्रॉपर्टी का टायटल विवादित निकलता है, तो यह इन्शुरन्स आपको नुकसान से बचा सकता है।

2. इनकम्बरन्स सर्टिफिकेट (EC) की जांच करें

सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से पिछले 30 वर्षों का इनकम्बरन्स सर्टिफिकेट  (Encumbrance Certificate) प्राप्त करें। इस प्रमाणपत्र से आपको पता चलेगा कि प्रॉपर्टी पर कोई विवाद, गहाण, या कर्ज तो नहीं है। यह दस्तावेज प्रॉपर्टी की कानूनी स्थिति को स्पष्ट करता है।

3. बैंक लोन के माध्यम से खरीदारी करें

बैंक से प्रॉपर्टी के लिए लोन लेना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। बैंक लोन (Bank Loan) देने से पहले प्रॉपर्टी के टायटल, कागजपत्रों, और उस पर किसी तरह के प्रतिबंध की गहन जांच करती है। इससे आपको अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।

4. स्थानीय जानकारी इकट्ठा करें

प्रॉपर्टी खरीदने से पहले आसपास के लोगों से उस प्लॉट या प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी लें। कई बार स्थानीय लोग पहले से हुई फसवणुकी या विवादों के बारे में बता सकते हैं, जिससे आप सतर्क हो सकते हैं।

5. कागजपत्रों की जांच अनुभवी वकील से करवाएं

प्रॉपर्टी से संबंधित सभी दस्तावेज, जैसे:

  • खरीद-बिक्री करार

  • सातबारा और 8A उतारा

  • फेरफार नोंदी (Mutation Entry)

  • नगररचना विभाग की NA ऑर्डर

  • रेरा नोंदणी (RERA Registration) (यदि लागू हो)

इन सभी की जांच किसी अनुभवी वकील से करवाएं। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रॉपर्टी के कागजपत्र वैध और सही हैं।

6. पारदर्शक भुगतान प्रक्रिया अपनाएं

  • नकद लेनदेन से बचें : हमेशा चेक (Cheque), डीडी (Demand Draft), या ऑनलाइन ट्रांसफर (Online Transfer) जैसे पारदर्शक तरीकों से भुगतान करें।

  • पावती और स्टांप ड्यूटी : सभी भुगतान की पावती (Receipt) और स्टांप ड्यूटी (Stamp Duty) से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखें।

7. पावर ऑफ अटॉर्नी की वैधता जांचें

यदि प्रॉपर्टी के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of attorney) का उपयोग किया जा रहा है, तो उसकी वैधता की जांच करें। सुनिश्चित करें कि वह रद्द नहीं की गई है और वह कानूनी रूप से मान्य है।


प्रॉपर्टी खरीदते समय अतिरिक्त सावधानियां

  • रेरा नियमों का पालन : यदि प्रॉपर्टी किसी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, तो सुनिश्चित करें कि वह रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के तहत पंजीकृत है। रेरा नोंदणी से डेवलपर की विश्वसनीयता का पता चलता है।

  • कानूनी सलाह : प्रॉपर्टी खरीदने से पहले हमेशा किसी विश्वसनीय वकील से सलाह लें।

  • प्रॉपर्टी का दौरा : प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उसका व्यक्तिगत रूप से दौरा करें और उसकी स्थिति, स्थान, और आसपास के क्षेत्र की जांच करें।


डबल रजिस्ट्री फ्रॉड के कुछ उदाहरण

हाल के वर्षों में, भारत के कई शहरों में डबल रजिस्ट्री फ्रॉड के मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए:

  • पुणे, 2023 : एक डेवलपर ने एक ही प्लॉट को तीन अलग-अलग खरीदारों को बेच दिया, जिसके कारण खरीदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

  • मुंबई, 2024 : जाली कागजपत्रों के आधार पर एक प्रॉपर्टी को कई लोगों को बेचा गया, जिसका खुलासा कोर्ट केस के दौरान हुआ।

ऐसे मामलों से बचने के लिए सतर्कता और सही जानकारी बहुत जरूरी है।

निष्कर्ष

प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री एक बड़ा निवेश है, और इसमें डबल रजिस्ट्री फ्रॉड जैसी धोखाधड़ी से बचना बेहद जरूरी है। सही कागजपत्रों की जांच, टायटल इन्शुरन्स, और पारदर्शक भुगतान प्रक्रिया अपनाकर आप इस तरह की धोखाधड़ी से बच सकते हैं। हमेशा अनुभवी वकील की मदद लें और जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। सतर्क रहें, सुरक्षित निवेश करें!

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